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आँधियाँ गम की यूं


0:03:11 minutes (2.92 MB)आँधियाँ ग़म की यूँ चलीं ( आँधियाँ ग़म की यूँ चलीं बाग़ उजड़ के रह गया ) -२ ( समझे थे आसरा जिसे वो भी बिछड़ के रह गया ) -२ आँधियाँ ग़म की यूँ चलीं बाग़ उजड़ के रह गया ( पूछो ना माजरा-ए-ग़म उजड़े हैं इस तरह से हम ) -२ घर का चराग़ क्या बुझा -२ घर ही उजड़ के रह गया आँधियाँ ग़म की यूँ चलीं बाग़ उजड़ के रह गया ( मुझ पर भी आई थी बहार थोड़ी सी देर को मगर ) -२ हँसते ही आँसू आ गये -२ रंग बिगड़ के रह गया आँधियाँ ग़म की यूँ चलीं बाग़ उजड़ के रह गया आँधियाँ ग़म की यूँ चलीं

बुलबुलो मत रो


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